बोल हरी बोल हरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

नाम प्रभु का है सूभकारी, पाप काटेंगे च्चन मेी भारी,

नाम प्रभु का है सूभकारी, पाप काटेंगे च्चन मेी भारी,

नाम का पीले अमृत घोल, नाम का पीले अमृत घोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

सोमा पढ़वत बने पटरी, बड़े बड़े नीसिचर संघारी,

सोमा पढ़वत बने पटरी, बड़े बड़े नीसिचर संघारी,

नाम की महिमा है अनमोल, नाम की महिमा है अनमोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

नर्सी भगत की हुंडई शिकारी, बन गयो पावन शाह बाँवरी,

नर्सी भगत की हुंडई शिकारी, बन गयो पावन शाह बाँवरी,

द्वार तू अपने मॅन के खोल, द्वार तू अपने मॅन के खोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल, बोल हरी बोल हरी हरी हरी बोल,

केशव माधव गोविंद बोल, केशव माधव गोविंद बोल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।