जब तेरी डोली निकाली जाएगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जब तेरी डोली निकाली जाएगी,

बिना महूरत के उठा ली जायेगी,

जब तेरी डोली निकाली जाएगी

इन हकीबो से कहो यु बोल कर,

करते थे दावा किताबे खोल कर,

ये दवा हरगिज न खाली जायेगी,

जब तेरी डोली निकाली जाएगी

क्या बुलो पर हो रही बुल बुल निसान,

पीछे हो माली खड़ा हो खबरदार,

मार कर गोली गिरा दी जाये गई,

जब तेरी डोली निकाली जाएगी

सिर सिकंदर का यहाँ सब कह गया,

मरते दम रुकमान भी यु कह गया,

ये घडी हरगिज न टाली जायेगी,

जब तेरी डोली निकाली जाएगी

होये गए परलोक में तेरा हिसाब,

कैसे मुकरोगे वह पर तुम जनाब,

जब वही भी तेरी खाली जायेगी गई,

जब तेरी डोली निकाली जाएगी

एह मुसाफिर क्यों पसर ता है यहाँ,

ये किराये पर मिला तुझको मकान,

मोटरी खाली करली जायेगी ,

जब तेरी डोली निकाली जाएगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।