श्याम थारो नाम लागे भकतो को प्यारो है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम थारो नाम लागे भकतो को प्यारो है,

थारे नाम सु बाबा , पहचान है म्हारी,

थारे नाम को , जोर है,

थारे नाम सु चालें , ये गाडली म्हारी,

दुनिया में शोर है,

श्याम थारो नाम,

श्याम थारो नाम लागे भकतो को प्यारो है, श्याम थारो नाम,

म्हारे जीने को सहारो है,

श्याम थारो नाम,

श्याम थारो नाम लागे भकतो को प्यारो है, श्याम थारो नाम,

थारो नाम लेता ही , लागे है जु म्हाने , कि थे हो सामने,

कितनो ही बड़ो हो काम, थारो नाम कर देवै, छोटो सो काम नै,

म्हारो तो बाबा…

म्हारो तो बाबा , थारे नाम सु गुज़ारो है …

म्हारे जीने को सहारो है…

श्याम थारो नाम…

श्याम थारो नाम लागे भकतो को प्यारो है, श्याम थारो नाम,

जद से लियो थारो नाम, बनने लग्या है काम, कि इब तो मौज़ है

खुशियां ही खुशियां है , इ जिंदगानी मे, की मस्ती रोज़ है… ओ…

श्याम थारो नाम…

श्याम थारो नाम म्हारे जीवन को रखवारो है, म्हारे जीने को सहारो है..

श्याम थारो नाम…

श्याम थारो नाम लागे भकतो को प्यारो है, श्याम थारो नाम…-२

थारे नाम सु जीती , हारी हुई बाज़ी , थारो नाम ही काफी है..

कितनो ही बड़ो पापी , लेवे जो नाम थारो , मिलजावै माफ़ी है…ओ…

थारे नाम सु बाबा…

थारे नाम सु बाबा, म्हारे जीवन में उजियारो है.. नाम सु बाबा..

थारे नाम सु बाबा, म्हारे जीवन में उजियारो है, म्हारे जीने को सहारो है..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।