नाम दी खुमारी विच खोये खोये रहने आ

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

नाम दी खुमारी विच खोये खोये रहने आ,

तेरे जोगी मस्त मलंग होये रहने आ,

तेरे भगत ने जोगी बस तेरे ही मुरीद,

मंग मंग दे ने जोगी बस तेरी इक दीद,

जय जय जोगी कहे तो ही सुख मंग लेने आ,

नाम दी खुमारी विच खोये खोये रहने आ,

लग जांदा चरनी जो ओह तर जामदा,

डुबे वेहड़े मेरा जोगी आप पार लामदा,

भगत प्यारे आके चरना च बहन्दे आ,

नाम दी खुमारी विच खोये खोये रहने आ,

पाली नवेशहर वाला दसे बोल बोल के,

गाउंदी है अलीशा महिमा दिल खोल खोल के,

बाबा जी दे नाम बिना पल भी न रहने आ

नाम दी खुमारी विच खोये खोये रहने आ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।