देखो झूम रहा कैलाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

देखो झूम रहा कैलाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय,

सारा नाच रहा कैलाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय,

भरमा ने चरणों में शीश निभाया,

प्रथम पूजनीये तुम को बनाया,

झूमे धरती झूमे आकाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय,

देखो झूम रहा कैलाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय,

ब्रह्मा के बाद में विष्णु जी आये,

आ कर के पहले गणेश को मनाये,

देखो चरणों में जोड़ रहे हाथ और गणपत की बोल रहे जय जय,

देखो झूम रहा कैलाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय,

गोरा मियां ने हिर्दय से लगाया,

भोले बाबा ने सारा प्यार लुटाया,

देवी देव मनाये रहे रे,गणपत की बोल रहे जय जय,

देखो झूम रहा कैलाश सारे गणपत की बोल रहे जय जय,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।