जोगी जोगी सिद्ध जोगी के जोगी साहनु प्यारा लगदा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

उचिया पहाड़ा विच जोगियां के मंदिर न्यारा लगदा,

जोगी जोगी सिद्ध जोगी के जोगी साहनु प्यारा लगदा,

सोहनी तेरी गुफा दा कमाल वखरा.

गुफा विच रब रूप जोगी वसदा,

भगता दे दुःख रोग पाप कट दा जो भी चरना दे विच आके झुक्दा,

सारे दीं दुखिया दा योगी तू आके ता सहारा लगदा,

जोगी जोगी सिद्ध जोगी के जोगी साहनु प्यारा लगदा,

मंदिरा च ढोल ते नगाड़े वजदे,

खुशियां च भगत प्यारे नच्दे,

ऊचे तेरे नाम दे जयकारे लगदे,

हाथ विच लाल झंडे सजदे,

दर दी शोभा देखि जोगियां की बड़ा ही नजारा लगदा,

जोगी जोगी सिद्ध जोगी के जोगी साहनु प्यारा लगदा,

मंदिरा दे आसे पासे मोर बोलदे,

कोयला दी कुक सुन दिल डोल्दे,

गोपी चंदेल भेट गावदा,

प्रदीप राणा गुण लिखी जामदा,

स्वर्गा दे जेहा सिद्ध जोगियां तेरा एह द्वारा लगदा,

जोगी जोगी सिद्ध जोगी के जोगी साहनु प्यारा लगदा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।