कुंडा खोल मेरी जगदम्बे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

लामियां वाहवा करके ठंडिया छावा करके,

कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

मैं ता जाना माता दे मंदिर चाहे करदे जिला अंदर,

ताला नहियो लगदा,

कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

मैं ता जाना माता दे दरबार चाहे मार देवे तलवार,

चाहे मार देवे तलवार साहनु लग दी नहियो,

कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

मैं ता जाना माता दे कॉल चाहे मार देवे पिस्तौल,

चाहे मार देवे पिस्तौल गोली लग दी नहियो,

कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।