तन के तम्बूरे में दो सांसो की तार बोले

अनूप जलोटा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तन तम्बूरा,तार मन

अद्भुत है ये साज

हरी के कर से बज रहा

हरी ही है आवाज

तन के तम्बूरे में दो सांसो की तार बोले

जय सिया राम राम..जय राधे श्याम श्याम

अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा

मगन हुआ मन मेरा,छूटा जनम जनम का फेरा

मन की मुरलिया में सुर का सिंगार बोले

जय सिया राम राम..जय राधे श्याम श्याम

लगन लगी लीला धारी से, जगी रे जगमग ज्योति

राम नाम का हीरा पाया, श्याम नाम का मोती

प्यासी दो अंखियो में आंसुओ के धार बोले

जय सिया राम राम..जय राधे श्याम श्याम

तन के तम्बूरे में दो सांसो की तार बोले

जय सिया राम राम..जय राधे श्याम श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।