महिमा अपरम्पार साई की

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

महिमा अपरम्पार साई की महिमा अपरम्पार,

साई नैया साई खिवईयां साई मेरी पतवार,

महिमा अपरम्पार साई की महिमा अपरम्पार

तुम करुणामई हो श्री साई तुम ने सब की बिगड़ी बनाई,

जो भी दर पे आया तेरे हो गया बेडा पार,

महिमा अपरम्पार साई की महिमा अपरम्पार

भईजा को दिया वचन निभाया कातेया के प्राणो को बचाया,

ऐसी धन्य तुम्हारी गाथा कलयुग के अवतार,

महिमा अपरम्पार साई की महिमा अपरम्पार

शिरडी आती दुनिया सारी,

सब सुख पाते नर और नारी,

हम को अपनी शरण में रखना सुन लो लखदातार,

महिमा अपरम्पार साई की महिमा अपरम्पार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।