आजा माँ दीवाने तेरे आये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आजा माँ दीवाने तेरे आये,

दीवाने तेरे आये है मस्ताने तेरे आये,

आजा माँ दीवाने तेरे आये,

रात को देखा सपना मैंने तेरा संदेशा आया,

भेजी चिठ्ठी तूने मैया तेरा भुलावा आया,

संदेशा तेरा आया है भुलावा तेरा आया है,

आजा माँ दीवाने तेरे आये,

सब भगतो को महियर वाली तेरी बात बताई,

बन कर टोली हम भक्तो की माहियर नगरी आई,

भक्ति की धुन में आये है जयकारे दर पे छाए है,

आजा माँ दीवाने तेरे आये,

मंदिर में बड़ी लम्बी कतारे नवराति शुभ आई

लाल है झंडे लाल नारियल चुरनी ओडी महामाई,

नो दिन तेरे आये है माँ लाल तेरे हर्षाये है,

आजा माँ दीवाने तेरे आये,

मयिहर वाली शारदा मैया तू है भोली भाली,

देने पर माँ जब तू आती भरती झोली खाली,

तू भक्तो की रखवाली है माँ तेरी शान निराली है,

आजा माँ दीवाने तेरे आये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।