बाबा की पगड़ी कमाल है

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॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा की पगड़ी कमाल है,

साईं बाबा की पगड़ी कमाल है,

रंग हरा पीला लाल लाल है,

मेरे बाबा की पगड़ी कमाल है.....

साईं की पगड़ी के देख नजारे,

चम चमके चाँद सितारे,

हीरे मोती से सजी बेमिसाल है,

रंग हरा पीला लाल लाल है,

मेरे बाबा की पगड़ी कमाल है.....

साईं की पगड़ी की महिमा न्यारी जिसने सारी दुनिया तारी,

ये तो करती भक्तो को मालामाल है,

रंग हरा पीला लाल लाल है,

मेरे बाबा की पगड़ी कमाल है.....

साईं प्रभु से जिनका नाता साईं जी उनके भग्य विध्यता,

रखते संजू को हर दम निहाल है,

रंग हरा पीला लाल लाल है,

मेरे बाबा की पगड़ी कमाल है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।