यही राम जी मिले गे यही श्याम देख ले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जैसे धुप में घटाये जैसे ठंडी हवाये,

ऐसी होती है माये लेले माँ की दुआये,

माँ के कदमो के बंदे चारो धाम देखले,

यही राम जी मिले गे यही श्याम देख ले,

माँ की ममता का साया जिसके हिसे में आया,

सब से अनमोल हीरा उसी बचे ने है पाया,

करले करले तू सेवा करके तू माँ की सुबहो शाम देख ले,

यही राम जी मिले गे यही श्याम देख ले,

कोई मुश्किल को आये माँ ही गले से लगाए,

खाये ठोकर जो बेटा दिल माँ का हिल जाये,

माँ की गॉड में मिलेगा राम देखले,

यही राम जी मिले गे यही श्याम देख ले,

माँ तो सब से बड़ी है माँ तो रब से बड़ी है,

सारी जन्नत वही है तेरी माँ यहाँ खड़ी है

है ये पीरो फकीरो का पैगाम देख ले,

यही राम जी मिले गे यही श्याम देख ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।