तेरे साई है तेरे साथ दीवाने

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

गम से क्यों गबराता है,

तेरे बदलेगे हालत,

तेरे साई है तेरे साथ दीवाने,

देख समाधि मंदिर जा के साई नाथ का ध्यान लगा के,

कोई बोले सांचा साई कोई काहे साई नाथ,

तेरे साई है तेरे साथ दीवाने,

हां से हिन्दू मा से मुस्लिम सारा जग ये जाने है,

जिसने गुरु की सेवा करली इनको वही पहचाने है,

मुक्ति से भगवान मिलेगा ये है सची बात,

तेरे साई है तेरे साथ दीवाने,

साईं से तुझको हयात मिले गी हमसर ये फरमाता है,

मन से साईं सिमरन करले साईं पिता और माता है,

सब धर्मो का इक कर्म है सुबहा कहो या रात,

तेरे साई है तेरे साथ दीवाने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।