मैं पुजारी तेरे नाम दा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तू मेरी मईया है जवाला शहर दी,

मैं पुजारी तेरे नाम दा पुजारी तेरे नाम पुजारी तेरे नाम दा,

तू मेरी मईया है जवाला शहर दी,

अकबर राजा मईया तनु अजमाया,

जग दियां ज्योता उते तवी नु चढ़ाया,

तवी विचो होया प्रकाश दातिए,

मैं पुजारी तेरे नाम दा.........

ध्यानु भगत तेरे दर ते आया,

कट के शीश मईया चरनी चढ़ाया,

क्ट्या शीश तू जोड़ा दतिये,

मैं पुजारी तेरे नाम दा....

रच्या है तू आलम सारा पंकज नु माये तेरा सहारा,

तेरा अंत किसे न पाया दातिये,

मैं पुजारी तेरे नाम दा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।