दर ते अवांगे तेरे सालो साल नी माए

रिचा शर्मा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दर ते अवांगे तेरे सालो साल नी माए ।

पूरे करदे तू मेरे वी सवाल नी माए ॥

सुहा चोला ते चुन्नी तिल्लेदार नी माए ।

मैं चढ़ावांगी तेरे दरबार नी माए ॥

दर ते अवांगे तेरे...

आवां चढ़ के चढ़ाईया नंगे पैर नी माए ।

पादे चोली च सगना दी खैर नी माए ॥

दर ते अवांगे तेरे...

देवां नारियल ते पान सुपारी नी माए ।

मिनता करदे सवाली नु तार नी माए ॥

स्वर : रिचा शर्मा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।