ओ मेरे सांवरियां सांवरियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे सांवरियां सांवरियां सांवरियां सांवरियां,

तू छुप गया श्याम कहा मैं धुंडु याहा वहा,

मेरे रूबरू अगर तू आ जायेगा,

बता दे मुझे मेरे सँवारे तेरा क्या जाएगा,

ओ मेरे सांवरियां सांवरियां सांवरियां सांवरियां,

मुझसे मिलने अगर श्याम तू आ जायेगा,

इतना बता दे तेरा क्या घट जायेगा,

काहे बनाई तू ने मुझे ये दुरी,

मुझसे मिलने में तेरी क्या है मज़बूरी,

क्यों है खफा इतना बता मेरे अगर तू थोड़ा निकट आएगा,

मुझे ये बता तेरा सँवारे क्या घट जायेगा,

बता दे मुझे मेरे सँवारे तेरा क्या जाएगा,

अपने दीवाने को तू क्यों तड़पता है,

मेरी हालत तुझको तरस न आता है,

काहे तू लेता मेरे ऐसे इम्तहान है,

तुझसे मिलने को मेरा दिल परेशान है,

बेचैन दिल कहता है मिल,

मेरे दिल को भी चैन आ जायेगा,

बता दे मुझे मेरे सँवारे तेरा क्या जाएगा,

मैं भी जिदी हु तुझको आज दखाऊ गा,

मिलने आया हु तुझसे मिल कर जाउगा,

आया तूफानी करके पका इरादा,

जाउगा मिल कर ये है लाजक का वादा,

दर है तेरा सिर ये मेरा ,

ये सिर तेरे दर से टकराये गा,

तू इतना बता मुझे सँवारे क्या तब आएगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।