सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है

देख लगाकर गोता इसमें तेरा बेडा पार है, सागर से भी...

सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है

भव सागर में इक दिन तेरी जीवन नैया डूबेगी

कहते कहते इक दिन तो पतवार भी तेरी टूटेगी

जायेगा उस पार तो कैसे हर तरफ अंधकार है , सागर से भी ...

सौंप दे नैया गुरु देव को वोही पार लगा देंगे

पैर पकड़ ले जाकर के तू सोये भाग्य जगा देंगे

पापी से भी पापी को भी न करते इंकार है, सागर से भी ...

संत समागम हरी कथा भी गुरु कृपा से पाओगे

खुद आएंगे श्याम प्रभु जब गुरु शरण में जाओगेँ

सुनलो भक्तो गुरु कृपा भी ये जीवन बेकार है

सागर से भी गहरा बन्दे गुरुदेव का प्यार है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।