मेरी मैया का लगा दरबार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी मैया का लगा दरबार आज मोरे अंगनां में,

आज मोरे अंगनां में,आज मोरे अंगनां में,

शेरांवाली का लगा दरबार आज मोरे अंगनां में,

चंदन की चौकी पर माँ को बिठाओ,

माँ को निहारूँ बारम्बार,आज मोरे अंगनां में,

मेरी मैया का...........

लाल लाल चोला शेरांवाली माँ पहने,

लाल चुनरी लहराये बार बार,आज मोरे अंगनां में,

मेरी मैया का.........

फूलों की माला मेरी मैया जी पहने,

हीरे मोती जड़े बेशुमार,आज मोरे अंगनां में,

मेरी मैया का...........

पंडित देव शर्मा

7589218797

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।