बाबा ते बालक कहावे मेरा नाथ

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बाबा ते बालक कहावे मेरा नाथ जेहडा दुनिया नु तार दा,

जो भी दर आवे कहंदे शरदा दे नाल ओहदे डूबे वेहड़े तार दा,

बाबा ते बालक कहावे मेरा नाथ....

जटा ने सुनहरी मुख चन्न नालो सोहना है,

एहदे जेहा दुनिया ते होर न कोई होना है,

महिमा किवे दसा एहदी अप्रम पार काज सब दे सवार दा,

बाबा ते बालक कहावे मेरा नाथ

रतनो दे लाल दिया खेडा ने न्यारियाँ बारहा साल,

जंगला च ग़ुआ एहने चारियाँ,

दूधाधारी आखे एह्नु सारा संसार दूध पी के सीना ठार दा,

बाबा ते बालक कहावे मेरा नाथ

मोर दी सवारी कर मार दा उडारियां महिमा एहदी बहुत सारे लिखी है लिखारियां,

ऋषि बलराम एहदी करे जय जय कार जेह्डा कड़े भी नही हार दा,

बाबा ते बालक कहावे मेरा नाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।