नई मानत हे देवता

शेषनारायण गौतम गुरु जी
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नई मानत हे देवता रिसयागे हावय भारी,

बम बम चिकि चिकि बाजा,

चिरतहे चांग राजा ॥

सबके होंगे सइता...॥

रन बन रन बन दउढ़त आवय,देवता दरस देवइया॥

बोमियावत किलकारत जोव्हर मारत हे घोंडईया॥

झुपत हे बइहा सही ।

मुड़ मा थोपे हे दही॥

पाके आय हावय नेवता...॥

कट किट कट किट दात ल कटरे,डर भूतहा कस लागे॥

परले बरोबर अउहा झउहा,येति वोती झागे॥

लिमवा के करे चानी॥

पढ़ के मंतर बानी ॥

सब होगे उदिम खाइता...॥

बमकत बंदन बुके माथ म,हुम, नरियर भेला धराये॥

हुम अगियारी देवाय बइगा,तभो ले नई हितियाये॥

अरजी म हावे भगति॥

धिरयागे परम सकती॥

गौतम ला रखबे सुरता...॥

प्रेषक जय माँ चण्डी सेवा एवं भजन मंडली रायपुर

गायक- दिवेश साहू

संगीतकार -राहुल एवं शेखर

कोरस- शुभम,राजा ,नीरज

मंदार वादक- चतुर मानिकपुरी

रचनाकार: शेषनारायण गौतम गुरु जी

फ़ोन नो.8349797409

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।