तेरे ही नाम के संग जोड़ लिया है नाता

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ही नाम के संग जोड़ लिया है नाता,

आज घर में किया है मैंने माँ का जगराता,

आज मेरे भी घर पे आयी है दुर्गे माता,

तेरे ही नाम के संग जोड़ लिया है नाता,

मैया तेरे नाम की है घर में ज्योति जगी,

तेरे ही नाम की लोह सारे भक्तो को लगी,

दिन खुशीयो का बड़ा आज तो आया है,

गणपति बाबा को सब ने भुलाया है,.

छोड़ दर को अपने मेरे घर आई है माँ,

खुशिया घर पे मेरे आज ले आई है माँ,

तेरे इक नाम ही तो मेरी जुबा पर आता,

आज घर में किया है मैंने माँ का जगराता,

मइयाँ का रूप सजा ही बड़ा प्यारा है,

तेरे दरबार सा माँ लगता नजारा है,

ओड तू लाल चुनार मेहंदी हाथ में,

आये संग भरो तेरे बजरंग साथ में,

सब के संकट में दौड़ी आती मैया भव से पार करे भगतो की नियाँ,

झोली भर ती है मैया खाली न कोई जाता,

आज घर में किया है मैंने माँ का जगराता,

चने हलवे का तुझे भोग लगाउगा,

नारीयल भेट मइयाँ तुझको चड़ाउ गा,

कजंक रूप बन घर मेरे आओगी हाथो से मेरे भी भोग ये खाओ गी,

खुल गये भाग मेरे जाएगा करवाया है,

माँगा जो तुमसे सब मैंने पाया है,

तू ही चामुंडा तू मनसा तू ही दुर्गा माता,

आज घर में किया है मैंने माँ का जगराता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।