बेलपत्र / बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्र

पारंपरिक
महादेव मंत्र Mantra Bilwapatra Mantra
॥ पावन पाठ ॥

नमो बिल्ल्मिने च कवचिने च नमो वर्म्मिणे च वरूथिने च

नमः श्रुताय च श्रुतसेनाय च नमो

दुन्दुब्भ्याय चा हनन्न्याय च नमो घृश्णवे॥

दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनम्‌ पापनाशनम्‌ ।

अघोर पाप संहारं बिल्व पत्रं शिवार्पणम्‌ ॥

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुधम्‌ ।

त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्‌ ॥

अखण्डै बिल्वपत्रैश्च पूजये शिव शंकरम्‌ ।

कोटिकन्या महादानं बिल्व पत्रं शिवार्पणम्‌ ॥

गृहाण बिल्व पत्राणि सपुश्पाणि महेश्वर ।

॥ दोहा ॥

सुगन्धीनि भवानीश शिवत्वंकुसुम प्रिय ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

बेलपत्र / बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्र - Belpatra Chadhane Ka Mantra

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।