बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Barfani Baba Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

चाहे दिन हो चाहे रात हो

इस मन में बस तेरी बात हो

यही गाऊँ बार बार,

बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

जिस मन में तेरी जोत जगे तुम उसके भाग जगाते हो

नैय्या हो टूटी फूटी फिर भी तुम पार लगाते हो

नहीं फ़िक्र उसे किसी भंवर का

जिसके तुम पतवार,

बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

जटा में तेरे पावन गंगा सृष्टि का उद्धार करे

तेरी शरण में आकर जो इस धरा में इशनान करे

नाश करे उसके पापों का

करदे भव से पार,

बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

धरती तुम हो अम्बर तुम हो तुम ही तो पाताल हो

कालचक्र है तुम्ही से बाबा क्योकि तुम महाकाल हो

ऋषि मुनि सब कहते तुमको

सृष्टि का आधार

बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

श्रद्धा और विश्वास जहां वो कंकर में भी शंकर पाते

प्यार से इक आवाज़ दो शिव की दौड़े दौड़े शंकर आते

मन की कली भी खिल जाती है

तार से मिल जाए तार

बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।