बनु दास जनम जनम तक

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बनु दास जनम जनम तक,

यो ही आयो मांगने,

मैया थारै आंगणे,

मैया थारै आंगणे ॥

मंगल गाऊं घर घर जाकर,

थासु मिल्यो उपहार,

देके सेवा इ जनम में,

बहुत कियो उपकार,

मौज उडावा म्हे तो,

दादी थारे कारणे,

मैया थारै आंगणे,

मैया थारै आंगणे ॥

मानव तन जो पाऊं फिर से,

मंगल मैं गाउँ,

पंछी जीवन म्हणे द्यो तो,

यो ही मैं चाहूँ,

बनके मोरियो मैं नाचू,

मंदिरिये के बारने,

मैया थारै आंगणे,

मैया थारै आंगणे ॥

चाहे बना ले ‘श्याम’ ने दादी,

निज चरणा री धूल,

चरण चाकरी करने में,

म्हासु होवे कदी ना भूल,

म्हणे भी तारो मैया,

बैठ्या सबने तारने,

मैया थारै आंगणे,

मैया थारै आंगणे ॥

बनु दास जनम जनम तक,

यो ही आयो मांगने,

मैया थारै आंगणे,

मैया थारै आंगणे ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।