बांके बिहारी कृष्ण मुरारी

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,

दर्शन दीजो शरण में लीजो,

हम बलहारी कहाँ छुपे।

॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी..॥

आँख मचोली हमें ना भये,

जग माया के जाल बिछाये,

रास रचा कर बंसी बजा कर,

धेनु चारा कर प्रीत जगा कर,

नटवर नागर निष्ठुर छलिया,

लीला न्यारी कहाँ छुपे।

॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी..॥

सर्व व्यापक तुम अविनाशी,

जल थल गगन रवि घट बासी,

योग सुना कर रथ को चला कर,

कहाँ खो गए हमको लुभा कर,

गोविन्द गोविन्द मीरा गायी,

गणिका तारी कहाँ छुपे।

॥ बांके बिहारी कृष्ण मुरारी..॥

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,

दर्शन दीजो शरण में लीजो,

हम बलहारी कहाँ छुपे।

जय जय राधे श्री राधे, श्री राधे राधे,

जय कृष्णा जय कृष्णा कृष्णा।

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।