बम बम भोला, पहना सन्यासी चोला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बम बम बम बम बम भोला,

पहना सन्यासी चोला,

कांधे झोला अनमोला डाल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

देव गणों से विदा मांग शिव,

गोकुल नगरी आए,

माता यशोदा के द्वारे पर,

शिव ने अलख जगाए,

सुनके मैया ना देर लगाई,

दौड़ी दरवाजे आई,

थाली मोतियन भर लाई माल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

ना चाहिए तेरे हीरे मोती,

ना चाहिए तेरी माया,

छोड़ कर पर्वत आया मेरी मैया,

अपने लाल के दरस करा दे,

छोड़कर पर्वत आया,

मैया पूरे भए तेरे सपने,

मैं भी अब जाऊं तपने,

दर्शन करवा दे अपने लाल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

रंग है तेरा काला पीला,

शक्ल भयंकर भारी,

लाल मेरो डर के दहलावे,

अभी उमर है बाली,

जोगी कैसे लाला दिखलाऊं,

मन में मैं अत घबराऊं,

पाले क्यों कर पड़वाऊं काल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

तू तो यशोदा भई बावरी,

क्यों मन में घबरावे मेरी मैया,

ता को हुकम बजावे मेरी मैया,

तीनलोक को नाथ काल भी,

ता को हुकम बजावे री मैया,

नाथ त्रिलोक कहाए,

तेने ही गोद खिलाए,

अक्षर क्या शुभ लिखवाए भाल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

कान आवाज पड़ी मोहन के,

शिव द्वारे पर आए,

छोड़ के पलना चले कन्हैया,

घुटवन घुटवन धाये,

आकर दोनों ने नैन मिलाएं,

मन ही मन मैं मुस्काए,

महिमा के भेद बताएं हाल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

बम बम बम बम बम भोला,

पहना सन्यासी चोला,

कांधे झोला अनमोला डाल के,

दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।