बालाजी ने ध्याले तू

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मंगलवार शनिवार,

बालाजी ने ध्याले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥

संकट मोचन संकट हारी,

सारी दुनिया बोले है,

बड़ा बड़ा राजा महाराजा,

आके दर पर डोले है,

राम राम से रीझे है यो,

राम राम बस गा ले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥

तुरता फुर्ती काम पटावे,

भगत की पीड़ा काटे है,

शरण पड़या ने बालाजी,

कदे भी नहीं नाटे है,

जद बजरंगबली है सागे,

फिर क्यों चिंता पाले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥

लाल लंगोटो हाथ में सोटो,

सेठ मोटो मोटो है,

भरया रवे भंडार ऐके,

कदे ना होवे टोटो है,

‘श्याम’ कहे है सांची महिमा,

बालाजी की गा ले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥

मंगलवार शनिवार,

बालाजी ने ध्याले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

॥ दोहा ॥

मन का चाया पाले तू ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।