बालाजी मुझे अपने, दर पे बुलाना

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी मुझे अपने,

दर पे बुलाना,

दर्शन से नैनो की,

प्यास बुझाना,

बालाजी मुझे अपना,

दर्शन दिखाना,

बालाजी मुझें अपने,

दर पे बुलाना ॥

ह्रदय में तेरे सियाराम बसे है,

राम सिया का तू है दीवाना,

चरणों में तेरे बाला,

मेरा है ठिकाना,

बालाजी मुझें अपने,

दर पे बुलाना ॥

स्वर्ग से सुन्दर धाम है तेरा,

रामसिया की सेवा काम है तेरा,

राम का तू और तेरा,

जग है दीवाना,

बालाजी मुझें अपने,

दर पे बुलाना ॥

बालाजी मुझे अपने,

दर पे बुलाना,

दर्शन से नैनो की,

प्यास बुझाना,

बालाजी मुझे अपना,

दर्शन दिखाना,

बालाजी मुझें अपने,

॥ दोहा ॥

दर पे बुलाना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।