बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी,

दुखड़ा का मारया हाँ,

म्हणे आन उबारो जी ॥

बालाजी प्रभु राम जी का प्यारा जी,

म्हारी विनती सुन लीजो,

बाबा थाने पुकारा जी ॥

लंका में जाकर आग लगाई जी,

सागर में जाकर के,

बाबा पूंछ बुझाई जी ॥

थाने रामनाम की धुन अच्छी लागे जी,

सूती किस्मत बाबा,

थारे नाम से जागे जी ॥

दुखड़ा में बाबो दोड़्यो ही आवे जी,

हम सब पर मेहर करो,

थारी महिमा गावा जी ॥

बालाजी म्हारा कष्ट निवारो जी,

दुखड़ा का मारया हाँ,

॥ दोहा ॥

म्हणे आन उबारो जी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।