आरती बाल कृष्ण की कीजै

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती Aarti Shri Krishna Aarti
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्ण जन्माष्टमी मे इस आरती का बड़ा ही महत्व है। संतो की वाणी आपको इस आरती के सही बोल (लिरिक्स) यहाँ प्रेषित कर रहा है। आरती के मूल रचयिता ब्रज संत पंडित गयाप्रसाद जी महाराज हैं, जिनकी समाधी गोवर्धन में स्थित है।

आरती बाल कृष्ण की कीजै,

अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

श्री यशोदा का परम दुलारा,

बाबा के अँखियन का तारा ।

गोपियन के प्राणन से प्यारा,

इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

बलदाऊ के छोटे भैया,

कनुआ कहि कहि बोले मैया ।

परम मुदित मन लेत बलैया,

अपना सरबस इनको दीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

श्री राधावर कृष्ण कन्हैया,

ब्रज जन को नवनीत खवैया ।

देखत ही मन लेत चुरैया,

यह छवि नैनन में भरि लीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

तोतली बोलन मधुर सुहावै,

सखन संग खेलत सुख पावै ।

सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,

अब इनको अपना करि लीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

आरती बाल कृष्ण की कीजै,

अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

- पंडित गयाप्रसाद जी महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।