बजे ढोल शहनाई बैंड बाजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Ganpati Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बजे ढोल शहनाई बैंड बाजा, आया आया है दिल्ली का राजा

सजा स्वागत को सुंदर ये दरबार

है दिल्ली के राजा का ये त्योहार

है स्वर्ण सिंघासन सोहे महाराजा,

आया आया----

मंगल मूरत से आनंद बरस रहा

कर दर्शन हर मन हर्ष रहा

गणपत दर्श चारो फल दाता,

आया आया----

मधुप सकल सुमंगल साज रहे

साज़ बाज रहे सब नाच रहे

हर तरफ जयकार यही गाजा,

आया आया----

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: बजे ढोल शहनाई बैंड बाजा | Bhajan: Baje Dhol Shehnai Band Baja Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।