बैठी पहाड़ों में माँ शारदा तेरी महिमा का क्या कहना

संत सूरदास
माता दुर्गा भजन Bhajan Durga Puja Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बैठी पहाड़ों में माँ शारदा,

तेरी महिमा का क्या कहना,

है भुवन हजारों में......

लाल ध्वजा आल्हा उदल लहराए,

लाल चुनरिया मन को लुभाये,

लाल लाल चूड़ियां माँ को भाये,

लाल लाल फूलों की माला लुभाये,

सोला सृंगारों में माँ शारदा,

गायक विष्णु सोनी जबलपुर

तेरी मूरत का क्या कहना,

तेरी सूरत हजारों में।

ऊँची ऊँची सीढ़ियां लम्बा लम्बा रस्ता,

माँ के दर्शन को मन है तरसता,

अम्बर में उड़ता है उड़न खटोला,

लाये ले जाये भक्तों का टोला,

रंग बहारों में माँ शारदा,

रंग बहारों में मेरी नजर नहीं हटती,

आनंद हजारों में।

विद्या की देवी माँ तुम वीणा पाणी,

महिमा तुम्हारी है विष्णु बखानी,

कंठ विराजो माँ स्वर महारानी,

करुणा मयी माँ जग कल्याणी,

कर दो कृपा मेरी माँ आये है शरण तेरी,

तेरे भक्त हजारों में,

हम भक्त हजारों में।

बैठी पहाड़ों में माँ शारदा,

तेरी महिमा का क्या कहना,

है भुवन हजारों में....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।