बगलामुखी मन्त्र

पारंपरिक
माता दुर्गा मंत्र Mantra Baglamukhi Mantra
॥ पावन पाठ ॥

एकाक्षरी बगलामुखी मन्त्र [ 1 अक्षर वाला मन्त्र ]

ह्लीं॥

त्र्यक्षर बगलामुखी मन्त्र [ 3 अक्षरों वाला मन्त्र ]

ॐ ह्लीं ॐ॥

चतुराक्षर बगलामुखी मन्त्र [ 4 अक्षरों वाला मन्त्र ]

ॐ आं ह्लीं क्रों॥

पञ्चाक्षर बगलामुखी मन्त्र [ 5 अक्षरों वाला मन्त्र ]

ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥

अष्टाक्षर बगलामुखी मन्त्र [ 8 अक्षरों वाला मन्त्र ]

ॐ आं ह्लीं क्रों हुं फट् स्वाहा॥

नवाक्षर बगलामुखी मन्त्र [ 9 अक्षरों वाला मन्त्र ]

ह्रीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः॥

एकादशाक्षर बगलामुखी मन्त्र [ 11 अक्षरों वाला मन्त्र ]

ॐ ह्लीं क्लीं ह्लीं बगलामुखि ठः ठः॥

बगलामुखी गायत्री मन्त्र

॥ दोहा ॥

ह्लीं बगलामुखी विद्महे दुष्टस्तंभनी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।