बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

लिए संकट हजारो के हर,

आज चिंता माँ हर लेना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥

तुझे सबकी खबरिया है माता,

तेरी आज्ञा से चलता विधाता,

किसकी किस्मत के कैसे सितारे,

सभी लिखा है पास तुम्हारे,

पास तुम्हारे ॥

कभी इस और करके नजर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥

तेरी करुणा है सबपे बरसती,

फिर क्यों झोली ये मेरी तरसती,

माँ ही बेटी की गर ना सुनेगी,

फिर कहाँ मेरी बिगड़ी बनेगी,

बिगड़ी बनेगी ॥

दे के हंसने का मुझको वर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥

अपने आँचल में मुझको छूपाले,

तू माँ अम्बा है अब तो बचा ले,

रह के पथ्थरो में पथ्थर बनो ना,

मेरी निर्दोष विनती सुनो माँ,

हाँ हाँ विनती सुनो माँ ॥

कभी ममता से देखो इधर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

लिए संकट हजारो के हर,

आज चिंता माँ हर लेना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।