बधैया बाजे आँगने में

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बधैया बाजे आँगने में,

बधैया बाजे आँगने मे ॥

चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की,

तोड़त ताने रागने में,

बधैया बाजे आँगने मे ॥

प्रेम भरी प्रमदागन नाचे,

नूपुर बाँधे पायने में,

बधैया बाजे आँगने मे ॥

न्योछावर श्री राम लला जु,

नहिं कोऊ लाजत माँगने में,

बधैया बाजे आँगने मे ॥

सियाअली यह कौतुक देखत,

बीती रजनी जागने में,

बधैया बाजे आँगने मे ॥

बधैया बाजे आँगने में,

॥ दोहा ॥

बधैया बाजे आँगने मे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।