बडे भाग से फागुन आयो री - होली भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बडे भाग से फागुन आयो री

होरी खेलूँगी श्याम संग जाय,

सखी री बडे भाग से फागुन आयो री ॥1॥

फागुन आयो…फागुन आयो…फागुन आयो री

सखी री बडे भाग से फागुन आयो री

वो भिजवे मेरी सुरंग चुनरिया,

मैं भिजवूं वाकी पाग ।

सखी री बडे भाग से फागुन आयो री ॥2॥

चोवा चंदन और अरगजा,

रंग की पडत फुहार ।

सखी री बडे भाग से फागुन आयो री ॥3॥

लाज निगोडी रहे चाहे जावे,

मेरो हियडो भर्यो अनुराग ।

सखी री बडे भाग से फागुन आयो री ॥4॥

आनंद घन जेसो सुघर स्याम सों,

मेरो रहियो भाग सुहाग ।

॥ दोहा ॥

सखी री बडे भाग से फागुन आयो री ॥5॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।