बाबा मुझे दर्शन दें महाकाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैं आया उज्जैन महाकाल,

बाबा मुझे दर्शन दे,

दर्शन दे मुझे दर्शन दे,

दर्शन दे मुझे दर्शन दे,

तेरा प्यारा है दरबार,

आज मुझे दर्शन दे ॥

चिंतामण सब चिंता हरते,

मंगलनाथ है मंगल करते,

तेरी उज्जैनी नगरी कमाल,

आज मुझे दर्शन दे,

मैं आया उज्जैन महाकाल,

बाबा मुझे दर्शन दें ॥

काल भैरव से शक्ति मिलती,

हरसिद्धि माँ हर दुःख हरती,

यहाँ राधा के संग गोपाल,

आज मुझे दर्शन दे,

मैं आया उज्जैन महाकाल,

बाबा मुझे दर्शन दें ॥

क्षिप्रा तट उज्जैन विराजे,

कालो के महाकाल निराले,

‘मनीष’ का पकड़ ले हाथ,

आज मुझे दर्शन दे,

मैं आया उज्जैन महाकाल,

बाबा मुझे दर्शन दें ॥

मैं आया उज्जैन महाकाल,

बाबा मुझे दर्शन दे,

दर्शन दे मुझे दर्शन दे,

दर्शन दे मुझे दर्शन दे,

तेरा प्यारा है दरबार,

॥ दोहा ॥

आज मुझे दर्शन दे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।