बाबा करले तू इत्थे भी नजर भगत कोई रोता होवेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बाबा करले तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा,

आया होगा हार के वो हर डगर,

आया होगा हार के वो हर डगर,

भगत कोई रोता होवेगा,

बाबा करलें तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा ॥

तेरी दुनिया में नहीं आता,

बाबा कोई काम है,

कहते है खाटू विच,

मिलता आराम है,

ये ही आस ले आया हूँ तेरे दर,

ये ही आस ले आया हूँ तेरे दर,

भगत कोई रोता होवेगा,

बाबा करलें तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा ॥

मैं भी हार के आया था बाबा,

कभी तेरे द्वार पे,

सर पे रखा था मेरे,

हाथ तूने प्यार से,

थोड़ी इन पे भी कर दे मेहर,

थोड़ी इन पे भी कर दे मेहर,

भगत कोई रोता होवेगा,

बाबा करलें तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा ॥

मेरी बिगड़ी बनाई,

अब इनकी बनानी है,

यूँ ही नहीं बाबा तेरी,

दुनिया दीवानी है,

तुझे लेनी होगी इनकी भी खबर,

तुझे लेनी होगी इनकी भी खबर,

भगत कोई रोता होवेगा,

बाबा करलें तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा ॥

तेरी पड़ेगी नजर,

दुनिया फेरेगी नजर,

तेरी ही कृपा का बाबा,

होवेगा असर,

गाने लगेगा वो झूम झूम कर,

गाने लगेगा वो झूम झूम कर,

भगत कोई रोता होवेगा,

बाबा करलें तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा ॥

बाबा करले तू इत्थे भी नजर,

भगत कोई रोता होवेगा,

आया होगा हार के वो हर डगर,

आया होगा हार के वो हर डगर,

भगत कोई रोता होवेगा,

बाबा करलें तू इत्थे भी नजर,

॥ दोहा ॥

भगत कोई रोता होवेगा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।