बाज रहा डंका दुनिया में, बजरंग बाला का

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बाज रहा डंका दुनिया में,

बजरंग बाला का,

अरे लहरें लाल पताका,

माँ अंजनी के लाला का,

बाज रहा डंका दुनियाँ में,

बजरंग बाला का ॥

लंका में घुसकर डंका,

रघुवर का खूब बजाया था,

एक से एक ताक़तवर,

राक्षस को भी धुल चटाया था,

इस राम दूत से पड़ा था जो,

इन सबका पाला था,

अरे लहरें लाल पताका,

माँ अंजनी के लाला का,

बाज रहा डंका दुनियाँ में,

बजरंग बाला का ॥

तेरी शरण जो आया तूने,

उसको संभाला बजरंगी,

तुझसे घबराकर के भागे,

दुःख की छाया और तंगी,

तुमने अपने भक्तों का,

हल झट से निकाला था,

अरे लहरें लाल पताका,

माँ अंजनी के लाला का,

बाज रहा डंका दुनियाँ में,

बजरंग बाला का ॥

त्रेता द्वापर और इस कलयुग का,

इकलौता तू रक्षक,

‘कुंदन’ के परिवार का पालक,

और तू ही है संरक्षक,

है सबकी ज़ुबाँ पे चर्चा,

इस रघुवर मतवाला का,

अरे लहरें लाल पताका,

माँ अंजनी के लाला का,

बाज रहा डंका दुनियाँ में,

बजरंग बाला का ॥

बाज रहा डंका दुनिया में,

बजरंग बाला का,

अरे लहरें लाल पताका,

माँ अंजनी के लाला का,

बाज रहा डंका दुनियाँ में,

॥ दोहा ॥

बजरंग बाला का ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।