अयोध्या करती है आव्हान

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Ayodhya Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अयोध्या करती है आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥

अयोध्या करती है आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण,

शीला की जगह लगा दे प्राण,

बिठा दे वहां राम भगवान ।

सजग हो रघुवर की संतान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।

हिन्दू है तो हिन्दुओ की आन मत जाने दे,

राम लला पे कोई आंच मत आने दे,

कायर विरोधियो को शोर मचाने दे,

जय श्री राम,

कायर विरोधियो को शोर मचाने दे,

लक्ष्य पे रख तू ध्यान ।

अयोध्या करती है आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥

मंदिर बनाने का पुराना अनुंबध है,

सब तेरे साथ पूरा पूरा प्रबंध है,

कार सेवको के बलिदान की सौगंध है,

जय श्री राम,

कार सेवको के बलिदान की सौगंध है,

बढ़ चल वीर जवान ।

अयोध्या करती हैं आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥

इत शिवसेना उत बजरंग दल है,

दुर्गावाहिनी में शक्ति प्रबल है,

प्रण विश्वहिंदू परिषद का अटल है,

जय श्री राम,

प्रण विश्वहिंदू परिषद का अटल है,

जो हिमगिरि की चट्टान ।

अयोध्या करती है आव्हान

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।

जिस दिन राम का भवन बन जाएगा,

उस दिन भारत में राम राज आएगा,

राम भक्तो का ह्रदय मुस्काएगा,

जय श्री राम,

राम भक्तो का ह्रदय मुस्काएगा,

खिलते कमल समान ।

अयोध्या करती है आव्हान

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।

सजग हो रघुवर की संतान

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।

॥ दोहा ॥

॥ जय श्री राम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।