अवध बिहारी हो, हम आए शरण तिहारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अवध बिहारी हो,

हम आए शरण तिहारी,

गिरवर धारी हो,

हम आए शरण तिहारी ॥

महापातकी रहा अजामिल,

उसे मिला सुरधाम,

नारायण आ गए लिया जब,

पुत्र का अपने नाम,

संकट हारी हो,

आया शरण तिहारी,

अवध बिहारी हों,

हम आए शरण तिहारी ॥

जब जल में गजराज ग्राह में,

युद्ध हुआ घनघोर,

हार गया गज तो बोला,

दौड़ो नंद किशोर,

सुदर्शन धारी हो,

आया शरण तिहारी,

अवध बिहारी हों,

हम आए शरण तिहारी ॥

हिरणाकुश प्रहलाद को जब,

बाँधा खंबे के साथ,

तब बोला प्रहलाद कहाँ हो,

आओ दीनानाथ,

शरण हितकारी हो,

आया शरण तिहारी,

अवध बिहारी हों,

हम आए शरण तिहारी ॥

अवध बिहारी हो,

हम आए शरण तिहारी,

गिरवर धारी हो,

॥ दोहा ॥

हम आए शरण तिहारी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।