अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Mata Rani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अर्जी सुनकर मेरी मैया,

घर में मेरे आई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥

सबसे पहले मैया रानी,

के मैं चरण धुलाऊँ,

माँ के पावों के कुमकुम को,

माथे अपने लगाऊं,

देख देख के जगदम्बे को,

अखियां भर भर आई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥

बिन दर्शन के मैया मेरा,

जीवन था अधुरा,

तेरे आने से मेरी मैया,

सपना हुआ है पूरा,

अपने गले लगाकर मुझको,

किरपा है बरसाई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥

छप्पन भोग छत्तीसो मेवा,

हाथों से खिलाऊँ,

मेहँदी लगाऊ चुनड़ी ओढाऊँ,

तेरा लाड़ लड़ाऊँ,

‘श्याम’ कहे इच्छा हुई पूरी,

माँ मेरी मनचाही,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥

अर्जी सुनकर मेरी मैया,

घर में मेरे आई,

झूम झूम के नाचूं मैं तो,

बाटूँ आज बधाई,

नाचूँ झूम झूम के,

गाऊं झूम झूम के ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।