अपनी चौखट पर बुला ले एक बार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हे माँ... हे माँ... हे माँ...

तरस रही हैं आँखें मेरी, माँ दिखा दे दीदार,

पर्वत की रानी, त्रिकुटा भवानी, सुन ले मेरी पुकार,

मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

दुनिया के झूठे रिश्तों ने, मुझको बहुत रुलाया है,

हार के अपनी किस्मत से, सर तेरे दर पे झुकाया है।

बाण गंगा का शीतल जल, तन-मन पावन कर जाए,

तेरा इक दर्शन मिल जाए, तो सोई किस्मत जग जाए।

मेरी डूब रही है नैया, माँ थाम ले पतवार,

मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

अंधियारी उस गुफा के अंदर, ज्योत तेरी जलती है,

तेरे ही दम से ओ मैया, ये दुनिया सारी चलती है।

मैं बालक हूँ नादान बड़ा, तू ममता की मूरत है,

मुझे और किसी की चाह नहीं, बस तेरी ही ज़रूरत है।

मेरी सूनी बगिया में भी, भर दे खुशियाँ अपार,

मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

लाल चुनरिया, लाल चूड़ियाँ, भवन तेरा सजता है,

भक्तों की टोली में मैया, जयकारा गूंजता है।

पाँव में पड़ें भले ही छाले, चढ़ाई चढ़ता आऊंगा,

तू एक बार आवाज़ तो दे, मैं दौड़ के तेरे पास आऊंगा।

रख ले सेवादार बना के, कर दे बेड़ा पार,

मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

जय माता दी... जय माता दी...

कहते जाएँ, बढ़ते जाएँ।

जय माता दी... जय माता दी...

मैया अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।