अपने रंग रंगलो गजानन

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Diwali Lakshmi Ganesh Puja Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अपने रंग रंगलो गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया,

दिल तुम्हारा हो गया देवा,

दिल तुम्हारा हो गया,

कुछ रहा ना मुझ में मेरा,

सब तुम्हारा हो गया,

अपने रंग रंगलों गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया ॥

हर तरफ काली घटाएँ,

छाई अँधेरी रात थी,

बिच भंवर डोली थी नैया,

तू किनारा हो गया,

अपने रंग रंगलों गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया ॥

हर जपूँ मैं नाम तेरा,

तेरी चोखट मिल जाए,

तुमने रख दिया हाथ सिर पे,

क्या नज़ारा हो गया,

अपने रंग रंगलों गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया ॥

सांसो की माला बना के,

अर्पण कर दूँ मैं तुझे,

जबसे देखि सूरत ये तेरी,

जग से प्यारा हो गया,

अपने रंग रंगलों गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया ॥

मूषक चढ़ आओ ओ देवा,

मन में दरश की प्यास जगी,

‘अर्चू’ तड़पे है तुम बिन,

जान से प्यारा हो गया,

अपने रंग रंगलों गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया ॥

अपने रंग रंगलो गजानन,

दिल तुम्हारा हो गया,

दिल तुम्हारा हो गया देवा,

दिल तुम्हारा हो गया,

कुछ रहा ना मुझ में मेरा,

सब तुम्हारा हो गया,

अपने रंग रंगलों गजानन,

॥ दोहा ॥

दिल तुम्हारा हो गया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।