अपने बच्चों से मिलने माँ आई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ को मनालो दिल से रिझालो,

देखो खुशियो की बेला है आई,

आई रे आई होके सिंह पे सवार,

अपने बच्चो से मिलने माँ आई,

अपने बच्चों से मिलने माँ आई ॥

सुन के पुकार आई बच्चो के द्वार,

देखो खुशियां लुटाने है आई,

भूलो सारे गम होके मस्त मलंग,

सब झूमो नाचो गाओ बधाई,

बजी खुशियो की ताल,

जिसपे झूमा संसार,

कही प्रेम श्रद्धा की शहनाई,

आई रे आई होके सिंह पे सवार,

अपने बच्चों से मिलने माँ आई ॥

चूड़ा भी लाल मां की चुनर भी लाल,

बड़ी प्यारी लगे मैया रानी,

मैया के नैनो से करुणा बहे,

मां तो ममता की मूरत सुहानी,

बच्चो की प्यारी,

मां तो है जग से न्यारी,

वो तो हर एक के दिल में समाई,

आई रे आई होके सिंह पे सवार,

अपने बच्चों से मिलने माँ आई ॥

मत हो उदास मां के चरणों के पास,

जाके अपने तू दिल की सुनाना,

मिट जाए तेरे सारे दिल के जख्म,

मां लुटा देगी प्यार का खजाना,

‘श्यामां’ की अर्जी ना करू खुदगर्जी,

मेरे सर पर हो कृपा सदा ही,

आई रे आई होके सिंह पे सवार,

अपने बच्चों से मिलने माँ आई ॥

माँ को मनालो दिल से रिझालो,

देखो खुशियो की बेला है आई,

आई रे आई होके सिंह पे सवार,

अपने बच्चो से मिलने माँ आई,

अपने बच्चों से मिलने माँ आई ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।