अंजनी के लाला पे, भरोसा जो होगा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी के लाला पे,

भरोसा जो होगा,

जो कुछ भी होगा,

अच्छा ही होगा ॥

कांटे मिले तो,

शिकायत ना करना,

उसकी कृपा के,

इशारे समझना,

बिगड़ी वो तेरी,

बनाता ही होगा,

जो कुछ भी होगा,

अच्छा ही होगा ॥

ढूंढेगा जो तू,

तुझे ना दिखेगा,

आस पास है वो,

एहसास होगा,

अंधेरे में दिपक,

जलाता ही होगा,

जो कुछ भी होगा,

अच्छा ही होगा ॥

इतना समझ ले,

कदम को बड़ा ले,

तेरे साथ है वो,

मन में बिठाले,

मन में वो बैठा,

बुलाता ही होगा,

जो कुछ भी होगा,

अच्छा ही होगा ॥

विधि का विधान कोई,

बदल ना पाये,

लीलानंद है तो,

क्यों घबराये,

उजड़ा चमन फिरसे,

सजाता वो होगा ,

जो कुछ भी होगा,

अच्छा ही होगा ॥

सहारा तुझे सिर्फ,

उनसे मिलेगा,

उनके सिवा तेरी,

कोई ना सुनेगा,

सिर पे वो हाथ तेरे,

फिरता ही होगा,

जो कुछ भी होगा,

अच्छा ही होगा ॥

अंजनी के लाला पे,

भरोसा जो होगा,

जो कुछ भी होगा,

॥ दोहा ॥

अच्छा ही होगा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।