अम्बे रानी ने, अपना समझ कर मुझे

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अम्बे रानी ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया,

शेरा वाली ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया,

विघ्नहर्ता विनायक ने,

शुभ लाभ को,

माँ की महिमा बताया,

मजा आ गया,

पाप सब धूल गया,

भाग्य ही खुल गया,

चरणों में सिर झुकाया,

मजा आ गया,

अम्बें रानी ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया ॥

भैरव खुश हो गए,

ध्यान में खो गए,

और हनुमान,

श्री राम जपने लगे,

ब्रम्हा ने व्यास को,

एक नए वेद का,

ज्ञान फिर से कराया,

मजा आ गया,

अम्बें रानी ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया ॥

स्तुति माँ की करने,

लगा स्वर्ग में,

देवताओं सहित,

वज्र ‘देवेंद्र’ का,

कृपा ‘कुलदीप’ पर,

करके करुणामयी,

‘गुरु ब्रजमोहन’ पर,

करके करुणामयी,

तूने जो कुछ लिखाया,

मजा आ गया,

अम्बें रानी ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया ॥

अम्बे रानी ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया,

शेरा वाली ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया,

विघ्नहर्ता विनायक ने,

शुभ लाभ को,

माँ की महिमा बताया,

मजा आ गया,

पाप सब धूल गया,

भाग्य ही खुल गया,

चरणों में सिर झुकाया,

मजा आ गया,

अम्बें रानी ने,

अपना समझ कर मुझे,

अपने दर पे बुलाया,

मजा आ गया ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।