अम्बे चरण कमल है तेरे

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Mata Rani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अम्बे चरण कमल है तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

हम भीरें हैं जनम जनम के

हम भौंरें हैं जनम जनम के

निसदिन देते फेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

तू धरती जग पालन करती

अम्बर का आधार है तू

सब सुख झूठे, सब दुःख झूठे

इस जीवन का सार है तू

तू सत्यम तू शिवम् सुन्दरम्

तू सत्यम तू शिवम् सुन्दरम्ह

म सब चपलज हैं तेरे

अम्बे चरण कमल हैं तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

हम भीरें हैं जनम जनम के

हम भौंरें हैं जनम जनम के

निसदिन देते फेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

ओस में आँसू फूल में श्रृद्धा

अंतर में लेकर उजियारे

तेरे मंदिर में नतमस्तक

नभ के सूरज चाँद सितारे

हमने तेरी मुस्कानों में

हमने तेरी मुस्कानों में

देखे मधुर सवेरे

अम्बे चरण कमल हैं तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

हम भीरें हैं जनम जनम के

हम भौंरें हैं जनम जनम के

निसदिन देते फेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

अम्बे चरण कमल है तेरे

जय जय माँ, जय जय माँ

जय जय माँ, जय जय माँ

जय जय माँ, जय जय माँ

जय जय माँ, जय जय माँ

जय जय माँ, जय जय माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।