मंत्र: अलसस्य कुतः विद्या

पारंपरिक
अन्य मंत्र Mantra Vedic Mantra
॥ पावन पाठ ॥

अलसस्य कुतः विद्या,

अविद्यस्य कुतः धनम्।

अधनस्य कुतः मित्रम्अ,

मित्रस्य कुतः सुखम् ॥

हिन्दी भावार्थ:

आलसी इन्सान को विद्या कहाँ।

विद्याविहीन/अनपढ़/मूर्ख को धन कहाँ।

धनविहीन/निर्धन को मित्र कहाँ।

और मित्रविहीन/अमित्र को सुख कहाँ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।