अब मैं सरण तिहारी जी

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अब मैं सरण तिहारी जी,

मोहि राखौ कृपा निधान ॥

अजामील अपराधी तारे,

तारे नीच सदान ।

जल डूबत गजराज उबारे,

गणिका चढी बिमान ॥

अब मैं सरण तिहारी जी,

मोहि राखौ कृपा निधान ॥

और अधम तारे बहुतेरे,

भाखत संत सुजान ।

कुबजा नीच भीलणी तारी,

जागे सकल जहान ॥

अब मैं सरण तिहारी जी,

मोहि राखौ कृपा निधान ॥

कहँ लग कहूँ गिणत नहिं आवै,

थकि रहे बेद पुरान ।

मीरा दासी शरण तिहारी,

सुनिये दोनों कान ॥

अब मैं सरण तिहारी जी,

मोहि राखौ कृपा निधान ॥

अब मैं शरण तिहारी जी,

॥ दोहा ॥

मोहि राखौ कृपा निधान ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।